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Crack CTET-Hindi Pedagogy (हिन्दी शिक्षण विधि)

आज का पोस्ट  Hindi Pedagogy (हिन्दी शिक्षण विधि) से सम्बंधित है , ये एक सम्पूर्ण नोट्स होगा, इसमें सारे बिन्दुओ को कवर किया जायेगा, साथ ही इसमें अलग से प्रैक्टिस सेक्शन भी दिया गया है और प्रैक्टिस करने के लिए क्विज भी पब्लिश किया गया है जो आपके CTET, TET, HTET, UPTET, SUPERTET, REET, RTET, KVS, NVS & ALL STATE TET EXAM में महत्वपूर्ण साबित होंगे |

 पार्ट-01

 भाषा : अर्जन एवं अधिगम

 

भाषा- जिसके माध्यम से हम विचारो का आदान प्रदान कर पाते है, सामने वाले की बातो को सुन पाते है और अपनी बातो को कह पाते है, भाषा है|

 

सम्प्रेषण (Communication) भाषा का अति महत्वपूर्ण प्रकार्य (Function) है|

 

भाषा को समग्रतावादी दृष्टि से देखा जाता है| भाषा हमारी पीढ़ी को बेहतर बनाने का काम करती है| हमारे ज्ञान को एकत्रित करने में, हमारे कल्पनाशक्ति की क्षमता, हमारे सोचने की क्षमता, हमारे तर्क करने की क्षमता को बेहतर करने में भाषा मदद करती है|  भाषा हमारे व्यक्तित्व को निखारने का काम करती है|

 

भाषा का आरंभ मानव के जन्म के साथ ही हो जाता है| विभिन्न कौशलो जैसे बोलना पढना लिखना को पूरा करते हुए व्यक्ति भाषा में निपुणता प्राप्त करता है| भाषा ग्रहण करने की एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है|

 

भाषा के विविध रूप-

  • मातृभाषा­- जो हम अपने आसपास के माहौल या अपने घर से जो भाषा अर्जित करते है उसे मातृभाषा कहते है| इसे पहली भाषा भी कहते है|
  • राष्ट्रभाषा- जिस भाषा को पुरे देश के लोग बोलते हो या फिर राजकाज से सम्बंधित कार्य जिस भाषा में होता है उसे राष्ट्रभाषा कहते है|

भारत में कोई राष्ट्रभाषा नही है| हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा नही है| भारत बहुभाषी देश है इसी वजह से कोई भी भाषा राष्ट्रभाषा नही बन पाई|

  • राजभाषा- अनुच्छेद 343 (1) के अनुसार हिंदी हमारी राजभाषा है|

 

Official Language Act (OLA) 1963- इसमें कहा गया था की हमारी Official Language हिंदी है तथा Associate Official Language इंग्लिश है|

 

त्रि-भाषा सूत्र (Three Language Formula)-

 

1964-66 कोठारी आयोग- इसमें कहा गया था कि पुरे देश भर में तीन भाषाओ को चलाये/पढाये, क्योकि हमारा देश बहुभाषी देश है यहाँ बहुत सारी भाषाए/बोली बोली जाती है| भारत विविधताओ का देश है|

 

इसे दो भागो में विभाजित किया गया है, जिसमे तीन भाषाओ को लागु करने की बात कही गयी है-

 

Hindi State-

1. मातृभाषा

2. इंग्लिश/ MIL (Modern Indian Language भारतीय आधुनिक भाषा)

3. MIL (Modern Indian Language)

 

Non Hindi State-

1. मातृभाषा

2. हिंदी

3. इंग्लिश/ MIL

(22 भारतीय आधुनिक भाषाये है)

 

अर्जन-

*भाषा अर्जन के लिए शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता नही है

* संस्थागत तरीके से भाषा सिखने की आवश्यकता नही है

आप सहजता से अपने पर्यावरण से भाषा को अर्जित कर सकते है, यह वो भाषा होगी जो आपकी पहली भाषा होगी| मातृभाषा का अर्जन बिना किसी किताब के, बिना किसी स्कूल के, बिना किसी शिक्षा प्रणाली के, आप अपने पर्यावरण से वातावरण से अर्जन कर लेते है| इसके बाद बच्चे स्कूल जाने से पहले अपनी मातृभाषा में अपनी बात कहने-सुनने में सक्षम हो जाते है|

 

यह एक अचेतन प्रक्रिया कहलाती है, यह सारी प्रक्रिया स्वतः (Automatic) होती है| मातृभाषा को हम प्राकृतिक रूप में अर्जित करते है|

 

भाषा अर्जन, मातृभाषा या पहली भाषा के सम्बन्ध में होती है|

 

भाषा को हम अर्जन करते है, यह हमे विरासत में नही मिलती है और न ही वंशानुगत रूप में मिलती है|

अधिगम-

यह एक संस्थागत प्रक्रिया है| जिसमे चाहे आप स्कूल में जाकर सीखे, या किताबो से सीखे| यहाँ शिक्षक भी होंगे, यहाँ नियम भी होंगे, स्कूल भी होंगे, यहाँ पूरा प्रक्रिया होगी| एक ऐसी प्रक्रिया जिसमे पूरा ढ़ाचा शामिल होगा, एक पुरी शिक्षण प्रक्रिया शामिल होगी|

 

अधिगम में बच्चो को एक समृद्ध भाषिक परिवेश देने की कोशिस करनी चाहिए, चाहे वो प्रिन्टेड के रूप में हो या ऑडियो के रूप में या विडियो के रूप में हो या चाहे शिक्षक खुद से बोले| ऐसा परिवेश जहाँ बच्चो को प्राकृतिक रूप से खुलकर अपने आप को अभिव्यक्त करने का मौका मिले|

 

भाषा अर्जन एवं अधिगम-

भाषा अर्जन – अचेतन , प्राकृतिक, परिवेश (दोनों में सबसे बड़ा अंतर)

भाषा अधिगम- चेतन, नियमबद्ध, अधिगम करना पड़ता है

 

 

 

प्रश्नोतरी भाग-

प्रश्न 01- बच्चे अपनी मातृभाषा का प्रयोग करते हुए हिंदी भाषा की कक्षा में अपनी बात कहते है यह बात .............है

A. स्वभाविक (सही उत्तर)

B. विचारणीय

C. निन्दनीय

D. अनुचित

 

प्रश्न 02- भाषा अर्जित करने के सन्दर्भ में कौन सा कथन उचित नही है

A. बच्चे भाषा के नियमो को आत्मसात करते है

B. यह एक सह प्रक्रिया है

C. बच्चे को नियम बनाना सिखाया जाता है (सही उत्तर)

D. यह एक स्वभाविक प्रक्रिया है

 

प्रश्न 03- भाषा सिखने और भाषा अर्जित करने में अंतर का मुख्य आधार है

A. भाषा की पाठ्य-पुस्तके

B. भाषा का उपलब्ध परिवेश (सही उत्तर)

C. भाषा की जटिल संरचना

D. भाषा का लिखित आकलन

 

प्रश्न 04- प्राथमिक स्तर पर हिन्दी भाषा सिखने के लिए सबसे अधिक जरुरी है

A. भाषा शिक्षण का भाषा ज्ञान

B. कक्षा में रंगीन पाठ्य-पुस्तके

C. कक्षा में प्रिन्ट समृद्ध परिवेश (सही उत्तर)

D. कक्षा में लिखित आकलन

 

प्रश्न 05- बच्चे बोल-चाल की भाषा का अनुभव लेकर विद्यालय आते है इसका निहितार्थ है कि

A. बच्चो को बोल-चाल की भाषा न सिखाई जाय

B. बच्चो को बोल-चाल की भाषा को सुधारा जाय

C. बच्चो के भाषायी अनुभवों को कक्षा से बहार रखा जाय

D. बच्चो के भाषायी अनुभवों का उचित प्रयोग किया जाय (सही उत्तर)

 

प्रश्न 06- भाषा सिखने-सिखाने में आप किसे सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानते है

A. सामजिक अंतः क्रिया (सही उत्तर)

B. संज्ञानात्मक

C. दृश्य-श्रवण सामग्री

D. बाल-साहित्य

 

 

जीन पियाजे-

इनका कहना है की बच्चो के संज्ञानात्मक विकास (समझ का विकास) का बहुत बड़ा अहम रोल है भाषा के विकास में|

 

यानि जो हमारी संज्ञानात्मक विकास, तर्क शक्ति का विकास, कल्पनाशक्ति का विकास होता है उम्र के साथ, वैसे ही भाषा का विकास होता है|

 

संज्ञान के विकास से भाषा का विकास होता है ऐसा कहते है पियाजे| संज्ञानात्मक विकास, भाषा विकास को प्रभावित करता है|

 

लेव वाईगोत्सकी-

  • बालक भाषा अपने परिवेश/समाज से अंतःक्रिया करते हुए सीखता है|
  • इनके अनुसार, निजी भाषा (Private Language) बालक के संज्ञानात्मक विकास में सहायक होती है
  • वाईगोत्सकी कहते है की हमारे संज्ञानात्मक विकास में तीन चीजे जरुरी है- समाज, संस्कृति और भाषा
  •  

प्रश्नोतरी भाग-

प्रश्न 01- जिग-सा पहेली को करते समय 05 वर्ष का शचीन्द्र स्वयं से कहता है नीला टुकड़ा कहा है? नही, यह वाला नही, गाढे रंग वाला जिससे यह जूता पूरा बन जायेगा|

इस प्रकार की वार्ता को वाईगोत्सकी किस तरह संबोधित करते है ?

A. व्यक्तिगत वार्ता (सही उत्तर)

B. जोर से बोलना

C. ढांचा

D. आत्मकेन्द्रित वार्ता

 

नोम चोमस्की-

  • इन्होनो कहा है की भाषा अर्जन की क्षमता जन्मजात होती है
  • प्रत्येक बालक भाषा सिखने/अर्जन की जन्मजात शक्ति के पैदा होता है
  • जिसे LAD (Language Acquisition Device/भाषा अर्जन यन्त्र) कहा जाता है, जो हमारे दिमाग में होता है|
  • विश्व की सभी भाषाए एक ही मूल व्याकरण (Universal Grammar) से सम्बद्ध है जिसे समझने में LAD हमारी सहायता करता है

 

प्रश्नोतरी भाग-

प्रश्न 01- भाषा अर्जन करने की क्षमता किसके साथ सम्बंधित है

A. पियाजे

B. चामस्की (सही उतर)

C. स्किनर

D. ब्रूनर

 

प्रश्न 02- वाईगोत्सकी ने भाषा .................विकास का .........परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत किया

A. व्यवहारवादी

B. समाज- संस्कृति

C. व्यवहार- संस्कृति (सही उतर)

D. संज्ञानवादी

 

प्रश्न 03- भाषा सिखने-सिखाने की प्रक्रिया में सबसे कम महत्वपूर्ण है

A. भाषा की पाठ्य-पुस्तक

B. भाषा शिक्षण की पद्धति

C. भाषा का परिवेश

D. भाषा का आकलन (सही उत्तर)

 

प्रश्न 04- भाषा शिक्षक के लिए जरुरी है कि वे भारतीय भाषाओ की ..............को स्वीकार करे और समृद्ध साहित्य को ................की दृष्टी से देखे

A. विविधता, सराहना (सही उत्तर)

B. जटिलताओ, साहित्यिक

C. विषमताओ, सराहना

D. सराहना, विविधता

 

प्रश्न 05- हिन्दी भाषा शिक्षक का यह प्रयास होना चाहिए कि

A. बच्चे की मातृभाषा के स्थान पर हिन्दी भाषा को ही कक्षा में स्थान दे

B. बच्चे की भाषा संबंधी सहज रचनाशक्ति को बढ़ाने का अवसर दे (सही उत्तर)

C. बच्चो द्वारा मानक भाषा का ही प्रयोग करने के लिए अवसर दे

D. बच्चो को शिक्षाप्रद बाल-साहित्य पढ़ने के भरपूर अवसर दे

 

प्रश्न 06- खुशी पढ़ते समय कभी-कभी वाक्यों-, शब्दों की पुनरावृति करती है| यह भाषायी व्यवहार दर्शाता है कि-

A. वह पढ़ने में अधिक समय लेती है

B. वह अटक अटक कर ही पढ़ सकती है

C. वह समझ के साथ पढ़ने की कोशिस करती है (सही उत्तर)

D. उसे लम्बे शब्दों को पढ़ने में कठिनाई होती है

 

प्रश्न 07- ................. भाषा का अति-महत्वपूर्ण प्रकार्य है

A. अक्षर ज्ञान

B. सम्प्रेषण (सही उत्तर)

C. सुनना

D. लेखन

 

प्रश्न 08- भाषा सिखने के सन्दर्भ में कौन सा कथन सही है

A. बच्चो में भाषा अर्जित करने की जन्मजात क्षमता होती है (सही उत्तर)

B. बच्चो में भाषा अर्जित करने की जन्मजात क्षमता नही होती है

C. बच्चे विद्यालय आकर ही भाषा सीखते है

D. बच्चे विभिन्न संचार माध्यमो से ही भाषा सीखते है

 

प्रश्न 09- बहु-भाषिक कक्षा में बच्चो की भाषाए –

A. शिक्षक के लिए बेहद जटिल चुनौती है

B. संसाधन के रूप में कार्य कर सकती है (सही उत्तर)

C. आकलन की प्रक्रिया को बाधित करती है

D. भाषा सिखने की प्रक्रिया को बाधित करती है

 

प्रश्न 10- भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम ही नही बल्कि स्वयं से ..........का माध्यम है

A. लिखने

B. पढ़ने

C. बातचीत (सही उत्तर)

D. सुनने

 

प्रश्न 11- भाषा सभी विषयो के ...........में है

A. पढ़ने

B. अध्यायों

C. प्रारंभ

D. केन्द्र (सही उत्तर)

 

प्रश्न 12- कोई भाषा किसी भी लिपि में लिखी जा सकती है इस कथन पर आपकी क्या विचार है –

A. यह विल्कुल संभव नही है

B. यह बहुत हद तक संभव है (सही उत्तर)

C. हर भाषा की अपनी लिपि होती है

D. भाषा और लिपि के बीच सीधा संबंध है

उदहारण-

मै तुमको कॉल करता हूं (देवनागरी लिपि)

Main Tumko Call Karta Hoon (रोमन लिपि)

देवनारी लिपि से रोमन लिपि में कन्वर्ट हुआ मीन्स लिखी जा सकती है

 

प्रश्न 13- हिंदी के पाठो में अन्य भाषाओ के शब्दों के होने का क्या अर्थ है

A. पाठ का लेखक हिंदी नही जनता

B. पाठ समाज के बहुभाषी स्वरूप की सहज प्रस्तुति है (सही उत्तर)

C. पाठ कठिन और अस्पष्ट है

D. विधार्थियों को शुद्ध भाषा नही सिखाई जा रही है

 

प्रश्न 14- प्राथमिक स्तर के बच्चो के भाषा विकास की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है

A. बाल-साहित्य (सही उत्तर)

B. पाठ्य-पुस्तक

C. समाचार पत्र

D. पत्रिका

 

प्रश्न 15- प्राथमिक स्तर के बच्चो के लिए पाठ्य-पुस्तक के निर्माण में आप सर्वाधिक महत्वपूर्ण किसे मानते है-

A. प्रसिद्ध लेखक

B. भाषा का विविध गद्य साहित्य 

C. भाषा की विभिन्न रंगते (सही उतर)

D. प्रसिद्ध रचनाये

 

भाषा की विभिन्न रंगते जैसे नाटक, एकांकी, कविता, कहानी

 

प्रश्न 16- डिस्ग्राफिया से प्रभावती बच्चों को मुख्य रूप से .......... में कठिनाई होती है

A. सुनने में

B. बोलने में

C. पढ़ने में

D. लिखने में (सही उत्तर)

 

प्रश्न 17- डिस्लेक्सिया से प्रभावती बच्चों को मुख्य रूप से .......... में कठिनाई होती है

A. सुनने में

B. बोलने में

C. पढ़ने में (सही उत्तर)

D. लिखने में

 

प्रश्न 18- डिस्कैकुलिया से प्रभावती बच्चों को मुख्य रूप से .......... में कठिनाई होती है

A. सुनने में

B. बोलने में

C. गणितीय कौशल संबंधी विकार (सही उत्तर)

D. लिखने में

 

प्रश्न 19- डिस्फैसिय से प्रभावती बच्चों को मुख्य रूप से .......... में कठिनाई होती है

A. सुनने में

B. वाक् अक्षमता (सही उत्तर)

C. पढ़ने में 

D. लिखने में

 

प्रश्न 20- प्राथमिक स्तर पर बच्चो की सहज और स्वाभाविक मौखिक अभिव्यक्ति में से सबसे कम महत्वपूर्ण है

A. स्पष्टता

B. शुद्ध उच्चारण (सही उत्तर)

C. बोलने में आत्मिश्वास

D. मौलिक विचार

 

प्रश्न 21- प्राथिमक स्तर पर भाषा शिक्षण का उद्देश्य है-

A. विभिन्न साहित्यिक विधाओ की रचनाओ और रचनाकारों के नाम याद करना

B. विषय सामग्री के माध्यम से केवल कठिन शब्दों के अर्थ जानना

C. दुसरे के विचारो को शब्दशः दोहराने मात्र की कुशलता का विकास

D. पठन के द्वारा ज्ञानार्जन एवं आनंद प्राप्ति में समर्थ बनाना (सही उत्तर)

 

प्रश्न 22- विश्व की सभी भाषाए थोड़े से फेरबदल से एक ही लिपि में लिखी जा सकती है| यह कथन-

A. भ्रामक है

B. आंशिक रूप से सत्य है

C. पुर्णतः सत्य नही है

D. पुर्णतः सत्य है (सही उत्तर)

 

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 पार्ट-02

 

भाषा : सिद्धांत एवं शिक्षण सूत्र

शिक्षण(Teaching)- एक ज्यादा अनुभवी व्यक्ति से कम अनुभवी बच्चे या व्यक्ति में ज्ञान का स्थानान्तरण या प्रवाह होना शिक्षण कहलाता है|

 

शिक्षण: त्रि-आयामी-

जॉन डीवी ने शिक्षण की प्रक्रिया में तीन आयाम बताये है –

ध्यापक -- छात्र --  विषयवस्तु (content/environment/curriculum)

एडम ने शिक्षण की प्रक्रिया में दो आयाम बताये है-

शिक्षक – छात्र

 

भाषा शिक्षण के सिद्धांत-

01-क्रियाशीलता का सिद्धांत

02- रूचि का सिद्धांत

03- अभिप्रेरणा का सिद्धांत

04- जीवन से जोड़ने का सिद्धांत

05- व्यक्तिक विभिन्नता का सिद्धांत

06- स्वाभाविकता का सिद्धांत

07- लोकतान्त्रिक मूल्यों का सिद्धांत

08- आवृति का सिद्धांत

 

01-क्रियाशीलता का सिद्धांत- क्रियाशीलता का मतलब है बच्चा एक्टिविटी कर के सीखता है यानि कर के सीखता है|

जो बात आपने सुन ली, जो बात आपने देख ली, वह याद रहेगा परन्तु जिस काम को आपने कर लिया उस काम को आप कभी नही भूल सकते|

बच्चा अगर कर के सीखेगा तो वह अपने आस-पास के वातावरण का अवलोकन करेगा|

अवलोकन करने से बच्चे के अन्दर समस्या सामाधान करने की क्षमता का विकास होगा|

समस्या सामाधान करने की क्षमता के वजह से वह समस्याओ को कई एंगल से देखेगा जिससे उसमे आलोचनात्मक चिंतन विकसित होगा|

Learning by doing or क्रियाशीलता का सिद्धांत से विकसित होगा---PCO

P- Problem Solving

C- Critical thinking

O- observation

 

02- रूचि का सिद्धांत- रूचि का सिद्धांत मतलब, बच्चे का रूचि/इंटरेस्ट का विकास आप करा सके| इसके लिए आपको इंटरेस्ट उदहारण, कुछ मजेदार किस्से कहानियाँ को लाइए क्लास रूम में, जिस से कि बच्चो में रूचि जागृत हो|

 

03- अभिप्रेरणा का सिद्धांत (Motivation)-  Motivation से हमेशा एक दिशा मिलती है,किसी चीज को शुरू करने की, किसी चीज को बनाये रखने की, किसी चीज को अंत तक पहुचने की, किसी चीज को हासिल करने की प्रेरणा मिलती है|

बच्चे को अभिप्रेरित करने से अधिगम दिशा-निर्देशित बनेगा| बच्चो को Motivate करने का प्रयास करना चाहिए|

 

04- जीवन से जोड़ने का सिद्धांत- NCF-2005 कहता है जो क्लासरूम लाइफ है उसे आउट-साइड वर्ल्ड से कनेक्ट कर दो|

क्लासरूम की जो चीजे है उसे रियल-लाइफ से जोड़ दो, यानी आप उदाहरण ऐसे देते है, एक्टिविटी ऐसे कराते है, ग्रुप में सिखने का मौका देते है, जिस से एक दुसरे से जुड़ पाए, जो रियल-लाइफ में समस्याए है उसको सॉल्व कर पाए|

यानि जो क्लासरूम में बच्चे सीखते है वो उनका उपयोग वास्तविक जीवन में कर सके|

 

05- व्यक्तिक विभिन्नता का सिद्धांत- एक व्यक्ति/बच्चा, दुसरे व्यक्ति/बच्चा से जैविक, सामजिक, सांस्कृतिक और बौधिक रूप में भिन्न होते है| प्रकृति में प्रत्येक प्राणी/ व्यक्ति को इस प्रकार से बनाया गया है कि वह दुसरे प्राणी/ व्यक्ति से भिन्न होता है|

प्रत्येक बच्चा की आवश्यकता, क्षमता और रूचि अलग-अलग हो सकती है| शिक्षक को इस बात को ध्यान में रखकर इस प्रकार के उदहारण, प्रक्रिया दे कि बच्चे की आवश्यकता के अनुसार उससे जुड़ पाए और उसके रुचि के अनुसार काम करा पाए|

 

06- स्वाभाविकता का सिद्धांत- बच्चे को प्राकृतिक रूप से सीखना/पढ़ाना चाहिए| भाषा सिखने का कौशल स्वाभाविक क्रम में होना चाहिए-

सु - सुनना

बो - बोलना

प - पढ़ना

लि - लिखना

 

07- लोकतान्त्रिक मूल्यों का सिद्धांत- इसमें आपके कक्षा का माहौल/वातावरण ऐसा होना चाहिए कि बच्चे के अन्दर प्रजातांत्रिक मूल्यों का विकास हो सके| प्रत्येक बच्चा अपनी बात को कह-सुन सके| कक्षा में अपनी बात कहने की स्वतंत्रता हो, शिक्षक भी बच्चो की बात सुने| ऐसा न हो कि शिक्षक डंडा लेकर ही पड़ जाय बच्चो के पीछे|

 

08- आवृति का सिद्धांत (Repetition)-  इसमें अधिगम को Repeat/दुहराया जाता है, ताकि हम जो अधिगम किये है वो दिमाग में स्थायी रूप से बैठ जाय/याद रहे|

 

शिक्षण सूत्र-

 

01-ज्ञात से अज्ञात की ओर(Known to Unknown)-  इसमें जो बच्चा जनता है, जो उसकी पूर्व ज्ञान है उसे आप Unknown की ओर ले जाते है|

छात्रो के पूर्व ज्ञान पर नए ज्ञान को आधारित करना ज्ञात से अज्ञात की ओर बढ़ना है| इस सूत्र के अनुसार शिक्षक को छात्रो को पहले वह बाते बतानी चाहिए जिससे छात्र पहले से परिचित है फिर धीरे-धीरे इन परिचित बातो से संबंधित अपरिचित/ अज्ञात बातो को इन परिचित बातो के साथ जोड़कर छात्रो को बतानी चाहिए|

टी०रेमान्ट का मानना है कि धीरे-धीरे एक के पश्चात दूसरा पाठ इस प्रकार पढ़ाना चाहिए कि नवीन ज्ञान, पूर्ववर्ती ज्ञान से अनायास ही परिचित हो जाय और व्यवस्थित होकर समुचित ज्ञान बनता चला जाय|

 

02-सुगम से कठिन की ओर(simplex to complex)- इस सूत्र का मुख्य आधार पाठ्य-पुस्तक का प्रस्तुतिकरण सरल से कठिन की ओर करना है, अर्थात शिक्षक को चाहिए कि पाठ्य-विषय से संबंधित सामग्री के सरल तथ्यों को वह छात्र के सामने पहले प्रस्तुत करे फिर धीरे धीरे कठिन और पेचीदा पाठ्य-वस्तु की ओर बढे|

यह एक मनोवैज्ञानिक प्रवृति है कि सरल बाते हमें जल्दी समझ में आती है और दिमाग में बैठ जाती है| कठिन बाते भी इन्ही सरल बातो पर आधारित है|

 

03- मूर्त से अमूर्त की ओर- जिन चीजो को बच्चा देख सके, छू सके, अनुभव कर सके, महसूस कर सके, उसे मूर्त कहते है|

इस सूत्र में आप महसूस करने से लेकर कल्पना और विचारो में ले जाते है|

जैसे- आप किसी माडल/चार्ट को बच्चो को दिखायेंगे जिसे बच्चे छू सकते है,महसूस कर सकते है उसके बाद उस विषय-वस्तु माडल के बारे में बताएँगे जो सामने नही दिख रहा है, जिससे बच्चा कल्पना कर पायेगा |

 

04- पूर्ण से अंश की ओर (whole to parts)- इस सूत्र में शिक्षक को पूर्ण से अंश की ओर बढ़ना चाहिए| जैसे- यदि बालक को गुलाब के फुल का ज्ञान कराना है तो सबसे पहले उसे गुलाब का पूरा पौधा दिखाना चाहिए और फिर धीरे-धीरे गुलाब के पौधे के विभिन्न अंगो का जानकारी देकर गुलाब के फुल के बारे में जानकारी देना चाहिए|

 

05-विशिष्ट से सामान्य की ओर(specific to general) इसे आप उदाहरण से नियम की ओर कह सकते है|

विशिष्ट आपका कोई मित्र हो या माता पिता तो वह आपके लिए विशिष्ट है परन्तु ये लोग जब ज्यादा लोगो के भीड़ में जायेंगे तो ये लोग सामान्य हो जायेगे|

आप उदहारण विशिष्ट दो परन्तु नियम सभी के लिए सामान्य होता है|

 

06- विश्लेषण से संश्लेषण को ओर(analysis to synthesis)- इस सूत्र में किसी भी शिक्षण विषय की सम्पूर्ण विषय सामग्री को पहले समग्र रूप में अध्ययन करते है| उसके बाद ही उसे खंडो में विभाजित करके प्रत्येक खंड का अलग-अलग अध्यन करते है| अंत में उस खंडो को सह-संबंधित करके विषय सामग्री का समग्र रूप में अध्ययन करते है|

जैसे-

Analysis (Parts) to synthesis (Whole)

मान लीजिये आप संधि पढ़ा रहे है तो जिसमे शब्द अलग-अलग रहता है जिसे जोड़कर एक पूर्ण शब्द बनाते है

विद्या+आलय Analysis (Parts) = विद्यालय synthesis (Whole)

 

07- प्रत्यक्ष से अप्रत्यक्ष की ओर (direct to indirect)- जो direct बच्चे के experience में है, जिसे वो direct वो देख सकता है अपने आस-पास उसे indirect की ओर ले जाना|

बच्चे को सर्वप्रथम वर्तमान का ज्ञान प्रदान किया जाना चाहिए उसके बाद ही भुत और भविष्य का ज्ञान दिया जाना चाहिए|

बच्चो को ऐसे उदहारण देने चाहिए जिससे बालक का प्रत्यक्ष संबंध हो और उन्ही वस्तुओ से सम्बंधित शिक्षण सामग्री का प्रयोग करे ताकि अप्रत्यक्ष ज्ञान भी बालक आसानी से प्राप्त कर ले|

 

प्रश्नोतरी भाग-

प्रश्न 01- एक भाषा शिक्षक के रूप में आप अपनी जिम्मेदारी महसूस करते है-

A. बच्चे का भाषा के विविध स्वरूपों और प्रयोगों से परिचित (सही उत्तर)

B. समय-सीमा के भीतर भाषा का पाठ्यक्रम पूर्ण कराना

C. बच्चे द्वारा भाषा परीक्षाओ में अच्छे अंक लाना

D. इनमे से कोई नही

 

प्रश्न 02- भाषा शिक्षक को स्वयं अपनी भाषा-प्रयोग की क्षमता को बढ़ाना चाहिये-

A. वह भाषा का शिक्षक है

B. उसका भाषा प्रयोग कक्ष में भाषा वातावरण निर्माण करता है (सही उतर)

C. विद्यालय का दिशा-निर्देश है

D. इस से वह दुसरो पर प्रभाव दाल सकता है

 

प्रश्न 03- हिंदी भाषा शिक्षक को यह स्वीकार करना चाहिए कि-

A. गलतियों पर बिल्कुल ध्यान न देने से वे सुधर जाती है

B. बच्चो को भाषा सीखना जरुरी नही है

C. गलतियाँ सिखने-सिखाने की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है (सही उत्तर)

D. बच्चो को उनकी गलतियां समझाना उनके भाषा विकास में महान बाधा है

 

प्रश्न 04- भाषा शिक्षक की भूमिका में महत्वपूर्ण यह है कि वह-

A. पाठ्य-पुस्तको को ही आकलन का एकमात्र आधार माने

B. पाठ्य-पुस्तक आधारित आकलन के स्थान पर स्वयं बहुविकल्पीय प्रश्न तैयार करे

C. पाठ्य-पुस्तक को समयसीमा के भीतर पूरा करा दे

D. पाठ्य-पुस्तक की सीमा से स्वतंत्र होकर विविध संदर्भो में भाषा प्रयोग को महत्व दे (सही उत्तर)

 

प्रश्न 05- आपकी दृष्टि में अभ्यास -

A. पाठ को समझने में मदद करते है (सही उतर)

B. बच्चो को तार्किक बनाते है

C. बच्चो को भाषा के बारे में बताते है

D. बच्चो को उत्तर देना सिखाते है

 

प्रश्न 06- भाषा शिक्षक के रूप में आपके लिए क्या महत्वपूर्ण है-

A. बच्चो से पाठ्य-पुस्तक पढवाना

B. बच्चो से त्रुटिरहित भाषा प्रयोग करवाना

C. बच्चो द्वारा बेझिझक भाषा प्रयोग करवाना (सही उत्तर)

D. बच्चो से गृह कार्य करवाना

 

प्रश्न 07- हिन्दी भाषा शिक्षक का यह प्रयास होना चाहिए कि वे-

A. बच्चो की भाषा संबंधी सहज रचना शक्ति को बढ़ाने के अवसर दे (सही उत्तर)

B. बच्चे की मातृभाषा के स्थान पर हिंदी भाषा को ही कक्षा में स्थान दे

C. बच्चो द्वारा मानक भाषा का ही प्रयोग करने के लिए अवसर दे

D. बच्चो को शिक्षाप्रद बाल-साहित्य पढ़ने के भरपूर अवसर दे

 

प्रश्न 08- आप मानते है कि अलग-अलग तरह की सामग्री पढ़ने के अवसर मिलने से-

A. भाषा के विविध संदर्भो में प्रयोग की समझ बनती है (सही उत्तर)

B. व्याकरण-सम्मत भाषा सिखने को मिलती है

C. किताबो के बारे में जानकारी मिलती है

D. लेखको के बारे में जानकारी मिलती है

 

प्रश्न 09- एक भाषा अध्यापक को बच्चो में-

A. आलंकारिक भाषा प्रयोग की समझ विकसित करने पर बल देना चाहिए

B. भाषा सिद्धांतो की समझ विकसित करने पर बल देना चाहिए

C. विविध संदर्भो में भाषा-प्रयोग की क्षमता विकसित करने पर बल देना चाहिए (सही उत्तर)

D. शुद्ध भाषा का प्रयोग की क्षमता विकसित करने पर बल देना चाहिए

 

प्रश्न 10- यदि आपकी कक्षा में दृष्टिबाधित बच्चे है तो आप-

A. उन्हें साहनुभूति से पढाएंगे

B. उन्हें पढ़ने के लिए उपयुक्त साधन देंगे (सही उत्तर)

C. उन्हें साभी बच्चो से अलग गतिविधि देंगे

D. उनसे कम गतिविधि कराएँगे

 

पार्ट-03

 भाषा : भाषायी कौशल एवं भाषायी विकार

 भाषा के चार मुख्य कौशल है-

01-  सुनना – श्रवण कौशल (सुनना)

02-  बोलना- वाचन कौशल, मौखिक अभिव्यक्ति कौशल(विचारो को बोलकर व्यक्त करने का कौशल)

03-  पढ़ना- पठन कौशल (पढ़ कर अर्थ ग्रहण करने का कौशल)

04-  लिखना- लिखित अभिव्यक्ति कौशल (विचारो को लिखकर व्यक्त करने का कौशल)

 

भाषायी कौशल का स्वभाविक सही क्रम-

सु- सुनना (L- listening)

बो- बोलना (S- Speaking)

प- पढ़ना ( R- Reading)

लि- लिखना (W- Writing)

 

01- श्रवण कौशल- श्रवण का अर्थ होता है सुनना| बच्चा जन्म से ही सुनना शुरू कर देता है, यही ध्वनियाँ उसके ज्ञान का आधार बनती है|  श्रवण कौशल ही अन्य भाषायी कौशल को विकसित करने का प्रमुख आधार बनती है|

 

श्रवण कौशल के सोपान/Steps-

01- ध्वनि का कानो तक पड़ना

02- अर्थ ग्रहण- जब हम कोई बात सुन रहे होतेहै तो उसका अर्थ भी हम ग्रहण कर रहे 

होते है|

03- प्रयोग- जिस बात को हम सुनते है, उसका अर्थ ग्रहण करते है उसका प्रयोग हम कही न कही जरुर करते है|

 

श्रवण कौशल विकसित करने की विधियाँ-

01-  सस्वर वाचन- इसमें बच्चों से किसी पाठ का रीडिंग करवाएंगे जिससे क्लास में सभी बच्चे ध्यान पूर्वक सुनेगे इस से उनमे सुनने की क्षमता विकसित होगी|

02-  प्रश्नोत्तर विधि- इसमें शिक्षक बच्चो से पाठ से प्रश्न पूछेंगे जिस से बच्चे ध्यानपूर्वक सुनेंगे|

03-  कहानी कहना और सुनना- अगर क्लास में शिक्षाप्रद कहानी सुनाई जाय तो बच्चे रूचिपूर्वक उसे सुनेंगे जिससे उनमे श्रवण कौशल विकसित होगी|

04-  श्रुतलेख- यह तो मुख्यतः लेखन कौशल से संबंधति है परन्तु इसमें त्रुटिरहित/शुद्ध रूप से लिखने के लिए बच्चो को ध्यानपूर्वक सुनना होगा|

05-  भाषण- इसमें लाइव सुने या रेडियो पर प्रसारित भाषण को सुने जिससे श्रवण कौशल विकसित होगा

06-  वाद-विवाद- इसमें दो प्रतिद्वंदी होते है, जिसमे सामने वालो के प्रश्नों को ध्यान से सुनना पड़ता है ताकि आप उसका रिप्लाई कर सके| तो यहाँ भी श्रवन कौशल विकसित हो रहा है|

श्रवण कौशल हेतु सहायक सामग्री-

ग्रामोफोन, टेपरिकॉर्डर, रेडिओ, विडियो (दृश्य-श्रवण)

 

02- वाचन कौशल (मौखिक अभिव्यक्ति कौशल)- मनुष्य अपनी अनुभूति और मनोवेग की अभिव्यक्ति मौखिक भाषा में ही करता है| भावों और विचारो की अभिव्यक्ति का साधन वाचन वाचन कौशल ही है|

 

वाचन कौशल (मौखिक अभिव्यक्ति कौशल) विकसित करने की विधियाँ-

01-  सस्वर वाचन- बच्चो को हम ऊँची आवाज में पाठ को रीडिंग करने के लिए बोलेंगे, इस से उनमे बोलने की क्षमता विकसित होगी|

02-  कविता पाठ- बच्चे को कविता का पाठ/गायन करने को कहेंगे, जिससे उनमे बोलने की क्षमता विकसित होगी|

03-  चित्र वर्णन- इसमें बच्चो को किसी बस्तु का चित्र दिखाकर उसकी वर्णन करने के लिए कहेंगे| जिस से बच्चा उस वस्तु के सभी भागो का वर्णन अपने सोच के अनुरूप करेगा, अपनी सोच को अभिव्यक्त करेगा| जिससे वाचन कौशल विकसित होगा, उसके अन्दर मौलिक विचार आयेंगे|

04-  संवाद- इस से वाचन कौशल विकसित होता है|

05-  वाद-विवाद- इसमें दो प्रतिद्वंदी होते है, जिसमे सामने वालो को अपनी वाचन कला से पराजित करना होता है, जिसे वाचन कौशल विकसित होता है| इसमें वाचन और श्रवण दोनों कला विकसित होता है|

06-  भाषण- भाषण देना भी एक कला है जिसमे सामने वाले व्यक्ति/समूह को अपनी बातो के आकर्षित करना होता है ताकि वह आपके बातो को सुने| इससे वाचन कौशल विकसित होगा

07-  नाटक मंचन-  इसमें बच्चो को अलग-अलग किरदार दिया जाता है, जिससे वे अपना अलग-अलग किरदार का डायलोग बोलना पड़ता है| इसमें वाचन और श्रवण दोनों कला विकसित होता है|

03- पठन कौशल- पठन कौशल का अर्थ भाषा की लिपि को पहचान कर उच्चारित करना तथा अर्थ को ग्रहण करना| साधारण अर्थ में पठन कौशल से तात्पर्य है लिखित भाषा को पढ़ना|

 

पठन कौशल के स्टेप्स-

  • प्रत्यक्षीकरण- इसमें आप कोई अक्षर लिख कर उससे सम्बंधित शब्द का उच्चारण करा सकते है| जैसे क-कमल, ख-खरगोस इत्यादी| इसमें आप डायरेक्ट वर्ड को दिखाकर सिखा रहे है|
  • अर्थ ग्रहण करना- जब आप कुछ पढ़ रहे होते है तो जाहिर सी बात है आप उसमे से कुछ न कुछ ग्रहण करेंगे|
  • प्रयोग- इसमें आप जो पढ़े है और उसका अर्थ ग्रहण किये है आप उसका प्रयोग आप आवश्य कही न कही करेंगे|

 

पठन के प्रकार-

  • सस्वर पठन- इसमें जोर जोर से पढ़ा जाता है
  • मौन पठन- इसमें आप साइलेंट रूप में खुद से पढ़ रहे होते है मौन रहकर|

 

पठन शिक्षण की विधिया-

  • वर्ण विधि- अ-आम, क-कबूतर, आप यहाँ वर्ण से सिखा रहे है
  • शब्द विधि- फल, खुशबू, इसमे आप शब्द से सिखा रहे है
  • वाक्य विधि- राम पढ़ने जाता है, इसमें आप वाक्य प्रयोग द्वारा सिखा रहे है
  • कविता विधि- इसमें कविता पर फोकस किया जाता है, जैसे- मछली जल की रानी है........

04- लिखित अभिव्यक्ति कौशल- लेखन कौशल को उत्पादक कौशल भी कहते है| लेखन भाषा को मूर्त रूप प्रदान करता है| यह भाषा कौशल का चतुर्थ और अंतिम कौशल है| ऐसा कौशल जिसका प्रयोग अपने विचारो-भावों आदि की अभिव्यक्ति के लिए किया जाता है| ध्वनि के रूप में विधमान भाषा अंश का लिपि के रूप में लिखा जाना ही लेखन है| इसमें भाषा के स्वरूप को स्थायित्व प्रदान किया जाता है|

 

लेखन कौशल के प्रकार-

  • सुलेख- सुन्दर लेखन, आदर्श लेखन| इसमें आप कोई पैराग्राफ लिख रहे है तो आपको पता होना चाहिए की कहा कामा लगाना है, कहा पूर्ण विराम लगाना है इत्यादी|
  • अनुलेख- इसमें बच्चा कोई वर्ड का ढांचा बना दिया जाता है जिसे बच्चा ओवरराईटिंग करके उस वर्ड को बनाएगा|
  • श्रुतलेख- सुनकर लिखना| इसके लेखन से वर्तनी अशुद्धिय दूर होती है|

 

इन चार कौशलो को दो भागो में विभाजित किया गया है-

01- ग्रह्म्यात्मक कौशल- सुनना और पढ़ना ग्रह्म्यात्मक कौशल है| इस कौशल में आप कुछ न कुछ अपने अन्दर ग्रहण कर रहे होते है|चाहे आप पढ़कर ग्रहण करे या सुनकर ग्रहण करे| यहाँ इनपुट हो रहा है दिमाग में|यह निष्क्रिय कौशल है|

02- अभिव्यक्तात्मक /उत्पादनात्मक/ अभिव्यक्ति कौशल- बोलना और लिखना उत्पादनात्मक/Produce/ अभिव्यक्तात्मक कौशल है, क्योंकि इसमें आप भाषा को उत्पादन कर रहे होते है| यहाँ आउटपुट हो रहा है| यह सक्रिय कौशल है|

 

भाषायी विकार (Learning Disabilties)-

  • अफेजिया (Aphasia)- अफेजिया एक सुनने संबंधी एक भाषा अधिगम विकार है (सुनना संबंधी विकार)
  • डिस्लेक्सिया (Dyslexia)- डिस्लेक्सिया एक पढ़ने/पठन संबंधी एक भाषा अधिगम विकार है (पठन संबंधी विकार)
  • डिस्ग्राफिया (Dysgraphia)- डिस्ग्राफिया एक लेखन संबंधी एक भाषा अधिगम विकार है (लेखन संबंधी विकार)

 

प्रश्नोतरी भाग-

प्रश्न 01- प्राथमिक स्तर पर बच्चो की भाषा आकलन करने का उद्देश्य क्या है-

A. उसके भाषा प्रयोग की क्षमता का आकलन (सही उत्तर)

B. उसकी पठन क्षमता का आकलन

C. उसकी लेखन क्षमता का आकलन

D. उसकी बोलने की कुशलता का आकलन

 

प्रश्न 02- पहली कक्षा में ............लिखना के अंतर्गत आता है

A. वाक्य लिखना

B. चित्र बनाना (सही उत्तर)

C. अक्षर लिखना

D. शब्द लिखना

 

प्रश्न 03- प्राथमिक स्तर पर पढ़ना सिखने में सबसे कम महत्वपूर्ण है

A. अनुमान लगाना

B. संदर्भानुसार अर्थ

C. अक्षरों की पहचान (सही उत्तर)

D. पढ़ने का उद्देश्य

 

प्रश्न 04- प्राथमिक स्तर पर कौन सी गतिविधि बच्चो की मौखिक अभिव्यक्ति के विकास में सबसे कम प्रभावी है-

A. घटना वर्णन करना

B. कहानी को शब्दशः दोहराना (सही उत्तर)

C. कहानी को अपनी भाषा में कहना

D. चित्र दिखाकर कहानी कहलवाना

 

प्रश्न 05- गीता ने सभी बच्चो को एक अनुच्छेद(पैराग्राफ) दिया जिसमे हर पांचवे शब्द की जगह रिक्त स्थान था, जिसे बच्चो को भरना था| गीता ने किसका प्रयोग किया?

A. पठन परीक्षण

B. लेखन परीक्षण

C. व्याकरण परीक्षण

D. क्लोज परीक्षण (सही उत्तर)

 

जहाँ -------वाली प्रश्न होगी उसे क्लोज परीक्षण कहते है| फिल इन दी ब्लेंक वाली प्रश्न

 

प्रश्न 06- बच्चो में ............और ............ के माध्यम से लेखन कौशल का विकास किया जा सकता है

A. रेखांकन, चित्रांकन (सही उत्तर)

B. चित्रांकन, लिपि चिन्हों

C. रेखांकन, लिपि चिन्हों

D. लिपि चिन्हों, अक्षर बनवट

 

प्रश्न 07- निम्नलिखित में से कौन सा प्रश्न बच्चो की भाषा क्षमता के विकास में सर्वधिक सहायक है  

A. डाल-डाल का इस्तेमाल करते हुए वाक्य बनाओ (सही उत्तर)

B. तितली कली के पास कब गयी होगी और क्यों?

C. तितली और कली ने क्या खेल खेला?

D. तुम्हारी मनपसंद किताब कौन सी है?

 

प्रश्न 08- प्राथमिक स्तर पर भाषायी क्षमताओ का विकास .......है और साहित्य.....है

A. साधन, साध्य

B. साध्य, उद्देश्य

C. साध्य, साधन (सही उत्तर)

D. उद्देश्य, साध्य

 

प्रश्न 09- निम्न में से कौन सा प्रश्न बच्चो के भाषा आकलन की दृष्टि से सर्वाधिक उपयोगी है

A. ‘ईदगाह’ कहानी के मुख्य पात्र का नाम बताइए

B. ‘ईदगाह’ कहानी को अपनी भाषा में सुनाइए (सही उत्तर)

C. ‘ईदगाह’ कहानी में फैयाज ने क्या ख़रीदा

D. ‘ईदगाह’ कहानी के मुख्य घटनाये बताइए

 

प्रश्न 10- भाषा कौशल के संबंध में कौन सा कथन सही नही है

A. भाषा कौशल एक दुसरे को प्रभावित करते है

B. भाषा कौशल एक दुसरे से सम्बंधित होते है

C. भाषा कौशल एक क्रम में अर्जित नही किये जाते है (सही उत्तर)

D. भाषा कौशल एक क्रम में ही अर्जित किये जाते है

 

प्रश्न 11- बच्चो को लिखना सिखाने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है

A. विचारो की अभिव्यक्ति (सही उत्तर)

B. सुन्दर लेखन

C. वर्तनी की शुद्धता

D. कावात्मक

 

प्रश्न 12- पढ़ने की प्रक्रिया में सार्वाधिक महत्वपूर्ण है

A. अक्षर-ज्ञान

B. अर्थ (सही उत्तर)

C. गति

D. प्रवाह

 

प्रश्न 13- डिस्ग्राफिया से प्रभावती बच्चों को मुख्य रूप से .......... में कठिनाई होती है

A. सुनने में

B. बोलने में

C. पढ़ने में

D. लिखने में (सही उत्तर)

 

प्रश्न 14- डिस्लेक्सिया से प्रभावती बच्चों को मुख्य रूप से .......... में कठिनाई होती है

A. सुनने में

B. बोलने में

C. पढ़ने में (सही उत्तर)

D. लिखने में

 

प्रश्न 15- डिस्कैकुलिया से प्रभावती बच्चों को मुख्य रूप से .......... में कठिनाई होती है

A. सुनने में

B. बोलने में

C. गणितीय कौशल संबंधी विकार (सही उत्तर)

D. लिखने में

 

प्रश्न 16- डिस्फैसिय से प्रभावती बच्चों को मुख्य रूप से .......... में कठिनाई होती है

A. सुनने में

B. वाक् अक्षमता (सही उत्तर)

C. पढ़ने में 

D. लिखने में

 

प्रश्न 17- प्राथमिक स्तर पर बच्चो की मौखिक अभिव्यक्ति का विकास करने की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण गतिविधि है

A. कहानी सुनकर उसे अपनी भाषा में कहना (सही उत्तर)

B. कहानी को ज्यो का त्यों दोहराना

C. कहानी सुनकर चित्र बनाना

D. कहानी सुनकर शब्द लिखना

 

प्रश्न 18- प्राथमिक स्तर पर भाषा कौशलो का विकास........

A. साधन है

B. साध्य है (सही उतर)

C. संभव नही है

D. कठिन है

 

प्रश्न 19- बच्चों की लेखन क्षमता का आकलन करते समय आप सर्वाधिक महत्वपूर्ण किसे मानते है

A. व्याकरणिक ज्ञान

B. शुद्ध वर्तनी

C. विचार तत्व (सही उत्तर)

D. सुन्दर लेखन

 

प्रश्न 20- ‘विश्व की सभी भाषाए थोड़े से फेरबदल से एक ही लिपि में लिखी जा सकती है|’ यह कथन-

A. भ्रामक है

B. आंशिक रूप से सत्य है

C. पुर्णतः सत्य नही है

D. पूर्णतः सत्य है (सही उत्तर)

Part-04 Coming Soon

 

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--प्रैक्टिस सेक्शन--

इस पोस्ट में बहुत सारे प्रश्न अलग-अलग सेक्शन में दिए गये है प्रैक्टिस के लिए..सभी सेक्शन के प्रश्नों को एक जगह आपके प्रैक्टिस के लिए क्विज के फॉर्म में संकलित किये गया है जिससे प्रैक्टिस कर के अपने तैयारी का अनुमान लगा सकते है तो आइये क्विज शुरू करते है ....

क्विज कैसे शुरू करे.....क्विज वाले सेक्शन में जाकर उस उस सेक्शन में दिए प्रश्नों को  ऊपर नीचे स्क्रोल करे साथ ही सही उत्तर पर क्लिक कर अगले प्रश्न के सही उत्तर पर क्लिक करे| सभी प्रश्नों के सही उत्तर क्लिक करने (यदि अलग सेक्शन होगा तो Next क्लिक करे प्रश्नों को सॉल्व करे) के बाद आप Submit पर क्लिक करे फिर आप View Score पर क्लिक कर आप अपना रिजल्ट Total Point देख सकते है|

 

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